Home Uttarakhand Dehradun उत्तराखंड में न मंत्री सुरक्षित, न विधायक!

उत्तराखंड में न मंत्री सुरक्षित, न विधायक!

neither ministers nor MLAs are safe! in Uttarakhand

देहरादून। उत्तराखंड में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। हल्द्वानी के कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने डिजिटल सुरक्षा, निजी जानकारियों तक अनधिकृत पहुंच और परिवार की निजता को लेकर आशंकाएं जताई हैं। वहीं, प्रदेश की मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

दोनों मामलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुमित हृदयेश की शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई और जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है। कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और विधायक को कार्रवाई की जानकारी देने का अनुरोध किया है।

उधर, रेखा आर्य के आरोपों के बाद उनके पति गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर पलटवार किया। उन्होंने मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया और संबंधित ऑडियो को एआई से तैयार बताया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच आवश्यक है।

सवाल यह है कि जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षा और गंभीर शिकायतों को लेकर सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं, तो आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा कौन देगा? अब सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोनों मामलों में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।